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सोच

उड़ते थे आसमाँ में खुल के एक पंछी की तरह, पर तेरी यादों ने कहाँ , मुझसे दूर तू जाएगा कहा।

तम्मना

कहा आ गये हम ये हमको न पता चला, सोचते थे तेरी दुनिया में बस जायंगे पर तेरी तो दुनिया ही बदल गयी |

एक एहसास

एक समंदर है की कुछ नहीं  बोलता, एक दरिया है जो सब कुछ बोल देता है । लाख छुपाओ तुम सारी बातें मुझसे, खामोसी तुम्हारे सारे राज़ खोल देता है॥